UPI Rule Change : आज के इस 21वीं युग में हर कोई व्यक्ति भुगतान कजरिया ऑनलाइन पसंद करने लगा है चाहे सब्जी वाले को पैसा देना हो या फिर दूध वाले को खास करके बिजली बिल चुकाना हो या फिर दुकान से कुछ खरीदना हो अब हर कोई भुगतान का सबसे आसान तरीका यूपीआई को मानने लगा है इसको देखते हुए यूपीआई के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं जो 4 अक्टूबर 2025 से लागू हो चुका है अगर आप गूगल पर या फिर फोन पर या कोई भी यूपीआई एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है क्योंकि लेनदेन करने का तरीका पहले से अलग हो गया है। UPI Rule Change
UPI मैं क्या बड़े बदलाव किया गया है
एनपीसीआई नेचर अक्टूबर से यूपीआई के तहत नियम लागू किए हैं जिसके अनुसार अभी यूजर्स को P2P कलेक्शन फीचर यानी पैसे मंगवाने वाले विकल्प का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा पहले यह फीचर्स बहुत काम का था क्योंकि इससे कोई भी व्यक्ति किसी से पैसे मांग सकता था लेकिन अब यह सुविधा बंद कर दी गई है इसका मतलब है कि अब आप किसी से कलेक्शन रिक्वेस्ट नहीं भेज सकते हैं और ना ही उसे स्वीकार कर सकते हैं यह नियम खास तौर पर छोटे व्यापारियों और दुकानदारों पर काफी प्रभाव करेगा क्योंकि वह ग्राहक से पेमेंट लेने के लिए इस फीचर का इस्तेमाल करते थे अब उन्हें खुद ग्राहक से पैसे लेने के लिए यूपीआई या क्यूआर कोड से पेमेंट करवाना होगा
अब पैसा किस तरह भेजें या फिर लिए जाएंगे
अब आपको किसी से पैसा लेना है तो आपको खुद सामने वाले व्यक्ति से पेमेंट करने के लिए कहना होगा यानी अब केवल कर कोड स्कैन करके या फिर यूपीआई आईडी डालकर ही पैसे भेज या प्राप्त कर सकते हैं पहले की तरह कोई भी व्यक्ति रिक्वेस्ट भेज कर पैसे नहीं मांग पाएगा यूजर्स को सलाह दी गई है कि वह अपने मोबाइल एप्स को हमेशा अपडेट रखें ताकि किसी भी तकनीकी परेशानी से बचा जा सके कई बार नेटवर्क की दिक्कत के कारण पेमेंट फस जाता है इसलिए एप अपडेट रहना जरूरी है ताकि ट्रांजैक्शन आसानी से पूरा हो सके।
नए नियम से कौन होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित
यह नए नियम खासकर उन छोटे दुकानदार और व्यापारियों के लिए मुश्किल बढ़ा सकता है जो रोजमर्रा में ग्राहकों से ऑनलाइन पेमेंट लेते हैं क्योंकि ग्राहक रिक्वेस्ट देकर तुरंत पेमेंट नहीं कर पाएंगे उन्हें खुद मैन्युअल स्कैन करना होगा या यूपीआई आईडी डालनी होगी इसे ट्रांजैक्शन में समय अधिक लगेगा और कई बार पेमेंट अटैक भी सकता है।
क्या होगी आगे की तैयारी
एनपीसीआई का कहना है कि यह कदम सुरक्षा बढ़ाने और फर्जीवाद को रोकने के लिए उठाया गया है कई बार कलेक्शन रिक्वेस्ट के जरिए यूजर्स को धोखा दिया जाता था और अंजन रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पैसे अटक जाते थे इस बदलाव के बाद ऐसे मामले काफी कम हो जाएगी यूजर्स को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वह केवल किसी अनजान लिंक किया ऐप से यूपीआई से जुड़ी जानकारी शेयर ना करें और हमेशा विश्वसनीय एप्स जैसे गूगल पे फोनपे और पेटीएम का ही उपयोग करें।